चाय गरम… चाय गरम…

चाय न जाने कितने तरीके से बनायी जाने लगी है – अदरक वाली, लहसुन वाली, मिर्च वाली, गरम मसाले वाली … और न जाने कितनी तरह की!
अव्वल तो जो टी टेस्टर होते हैं वे चाय को सिर्फ पानी में उबाल कर ही पीते हैं, लेकिन वो हर किसी के लिए संभव भी नहीं है.

khova-kulhad-chai

चाय न जाने कितने तरीके से बनायी जाने लगी है – अदरक वाली, लहसुन वाली, मिर्च वाली, गरम मसाले वाली … और न जाने कितनी तरह की!
अव्वल तो जो टी टेस्टर होते हैं वे चाय को सिर्फ पानी में उबाल कर ही पीते हैं, लेकिन वो हर किसी के लिए संभव भी नहीं है.

मुझे तो बस चाय पत्ती, दूध और चीनी उबाल कर ही मजा आता है. अगर इतने में मजा न आये तो समझता हूं चाय पत्ती ही घटिया है.
बहरहाल, फिलहाल बताने वाली बात ये है कि इस चाय में मैंने एक प्रयोग किया है. कुछ कुछ वैसा ही जैसे – चाय मलाई मार के.
ये है… चाय खोवा डाल के!
(खोवा, खोया या मावा जो बोलते हों.)

1 thought on “चाय गरम… चाय गरम…

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